Saturday, 14 March 2015

खाए हैँ लाखोँ धौके...

खाए हैँ लाखोँ धौके एक
ओर सह लैगे...
*
*
तू अपनी डोली ले जा.
हम अपने जनाज़े को
ही बारात कह लैगे..

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