Monday, 16 March 2015

जीना चाहता हु मगर..,

जीना चाहता हूँ मगर जिदगी राश
नहीं आती,
मरना चाहता हूँ मगर मौत पास नहीं आती,
उदास हु इस जिनदगी से,
क्युकी उसकी यादे भी तो तरपाने से बाज
नहीं आती ..

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