क्या मिला है मुझे इस दिल के आईने के सिवा
क्या हुआ है मेरा गिर-गिर के टूटने के सिवा
क्या हुआ है मेरा गिर-गिर के टूटने के सिवा
देर हो जाएगी तुमको भी घर जाने तलक
तुमने भी सीखा है क्या मुसीबत उठाने के सिवा
तुमने भी सीखा है क्या मुसीबत उठाने के सिवा
दर्द कितना भी जहर उगले आंखों से मगर
हमको कुछ आया नहीं जख्म पे रोने के सिवा
हमको कुछ आया नहीं जख्म पे रोने के सिवा
आप आ ही गए आशिक का जनाजा ढोने
आप अपने हैं, क्या देंगे हमें कांधे के सिवा
आप अपने हैं, क्या देंगे हमें कांधे के सिवा
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