लिखना दिल का हिसाब चुपके से ,
मुझको देना जवाब चुपके से !,
मेरे ख्वाबों में तुम चली आना ,
मई भी देखूंगा ख्वाब चुपके से !,
मै ज़माने से छुप के देखूंगा ,
तुम हटाना नकाब चुपके से !,
दिल कि दुनिया में जब भी आना हो ॥
आईयेगा जनाब चुपके से !,
दोस्तो.. मैं "अमित कुमार" आपका दोस्त.. अपने पेज पे आप सभी का स्वागत करता हूँ.. मेरा पेज शायरी ओर दुनिया की कुछ वास्तविक स्च्चाईओं को समर्पित है.. प्यार कभी ना कभी सभी की जिंदगी मे आता है .. आपकी जिंदगी मे भी शायद आया होगा.. किसी को मिलता है .. ओर किसी को नही मिलता... बस यादें सभी को मिल जाती है .. इन यादों को संजोने का पर्यास करने के लिए आप सब के बीच आया हूँ.. आशा करता हूँ की आप मेरे पेज को पसंद करेंगे . अपने विचार मुझे भेजते रहें.. . आपका प्यार मिलता रहे बस दोस्तो...
Monday, 16 March 2015
लिखना दिल का हिसाब...
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